अनूपपुर - नगर पालिका के नव निर्मित भवन का उद्घाटन 18 जनवरी को प्रस्तावित है, लेकिन उद्घाटन से पहले ही नगर पालिका में विवाद गहराता जा रहा है। कुछ पार्षदों ने सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यक्रम के बहिष्कार की घोषणा कर दी है, जिससे नगर की राजनीति में हलचल मच गई है।
पार्षदों का आरोप है कि नगर पालिका के सीएमओ द्वारा परिषद एवं पीआईसी (प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल) की सहमति के बिना ही उद्घाटन कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र छपवा दिए गए, जो स्पष्ट रूप से नियमों की अनदेखी और मनमानी को दर्शाता है। उनका कहना है कि परिषद की बैठक में इस विषय पर कोई निर्णय नहीं लिया गया था, इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर एकतरफा निर्णय कर लिया गया।
वार्ड क्रमांक 5 की पार्षद संध्या राय ने सबसे पहले इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नगर पालिका में लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन नहीं किया जा रहा है। उनके इस विरोध को वार्ड क्रमांक 14 की पार्षद कंचन गजेन्द्र सिंह ने समर्थन देते हुए उद्घाटन कार्यक्रम के बहिष्कार का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जब तक परिषद और पीआईसी की विधिवत सहमति नहीं ली जाती, तब तक ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होना उचित नहीं है।
पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका एक निर्वाचित संस्था है, जहां सामूहिक निर्णय सर्वोपरि होता है। यदि अधिकारियों द्वारा जनप्रतिनिधियों को दरकिनार कर फैसले लिए जाएंगे, तो यह न केवल नगरपालिका अधिनियम की भावना के खिलाफ है, बल्कि जनता के जनादेश का भी अपमान है।
फिलहाल इस पूरे मामले में नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में उद्घाटन कार्यक्रम तय समय पर होगा या नहीं, और विवाद का क्या समाधान निकलेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बढ़े इस टकराव का अंत संवाद और सहमति से होता है या विवाद और गहराता है।
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